How To Pay BH Series Tax Online 2025

How to pay BH Series tax online

How To Pay BH Series Tax Online 2025:- BH (भारत) सीरीज़ वाहनों के लिए टैक्स भरना अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। अगर आप अपने BH सीरीज़ वाहन का टैक्स ऑनलाइन भरना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए पूरी जानकारी लेकर आया है। इसमें हम स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, और समस्याओं के समाधान बताएंगे।

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BH सीरीज़ टैक्स क्या है और यह क्यों जरूरी है?

How to pay BH Series tax

BH सीरीज़ वाहन रजिस्ट्रेशन उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्रा करते हैं। इसकी खासियतें:

  • राष्ट्रीय वैधता: BH नंबर प्लेट वाले वाहन पूरे भारत में चलाए जा सकते हैं।
  • दो साल का टैक्स: पारंपरिक वाहनों के विपरीत, BH टैक्स की वैधता 2 वर्ष होती है।
  • कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: राज्य बदलने पर नए RTO में टैक्स नहीं देना पड़ता।

उदाहरण: एक BH सीरीज़ कार जो दिल्ली में रजिस्टर्ड है, उसे बिना किसी अतिरिक्त फीस के बैंगलोर या मुंबई में चलाया जा सकता है।

BH टैक्स भुगतान के लिए पात्रता

  • वाहन BH सीरीज़ में रजिस्टर्ड होना चाहिए।
  • वाहन मालिक का आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना आवश्यक है।
  • पिछले टैक्स भुगतान की रसीद (अगर टैक्स रीन्यू कर रहे हैं)।

BH सीरीज़ टैक्स ऑनलाइन भरने की चरणबद्ध प्रक्रिया

चरण 1: पारिवाहन पोर्टल पर लॉगिन करें

  1. पारिवाहन की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. ‘वाहन संबंधी सेवाएं’ सेक्शन में जाकर ‘BH Series Tax Payment’ विकल्प चुनें।

चरण 2: वाहन विवरण दर्ज करें

  • रजिस्ट्रेशन नंबर: BH सीरीज़ नंबर (जैसे BH 01 AB 1234)।
  • चेसिस नंबर: वाहन के RC बुक में दिए गए चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक डालें।
  • कैप्चा कोड एंटर करें और ‘Proceed’ बटन क्लिक करें।

चरण 3: टैक्स राशि की गणना

  • पोर्टल स्वचालित रूप से वाहन के प्रकार (पेट्रोल/डीजल/इलेक्ट्रिक) और CC के आधार पर टैक्स राशि दिखाएगा।
  • ध्यान दें: इलेक्ट्रिक वाहनों को 10% टैक्स छूट मिलती है।

चरण 4: भुगतान पूरा करें

  • भुगतान विकल्प: UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड।
  • सफल भुगतान के बाद 16-अंकीय रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा।

चरण 5: रसीद डाउनलोड करें

  • ‘Download Receipt’ बटन पर क्लिक करके पेमेंट रसीद सेव करें।
  • रसीद में टैक्स की वैधता अवधि और वाहन विवरण दिखाई देगा।

BH टैक्स भरने के बाद क्या करें?

  1. RC बुक अपडेट कराएं:
    • भुगतान रसीद लेकर नजदीकी RTO कार्यालय जाएं।
    • ₹200 शुल्क देकर RC में टैक्स विवरण अपडेट करवाएं।
  2. mParivahan ऐप पर चेक करें:
    • ऐप में ‘वाहन विवरण’ सेक्शन में जाकर नया टैक्स विवरण वेरिफाई करें।
  3. बीमा कंपनी को सूचित करें:
    • नई टैक्स रसीद की कॉपी इंश्योरेंस प्रोवाइडर को भेजें।

BH टैक्स भुगतान में आने वाली समस्याएं और समाधान

1. “Payment Failed” एरर आना

  • कारण: नेटवर्क इश्यू या इनसफिशिएंट बैलेंस।
  • समाधान:
    • 2-3 घंटे बाद दोबारा प्रयास करें।
    • बैंक स्टेटमेंट चेक करें। अगर पैसे कटे हैं, तो हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

2. रसीद न मिलना

  • समाधान:
    • पारिवाहन पोर्टल के ‘Payment History’ सेक्शन से डुप्लीकेट रसीद डाउनलोड करें।
    • mParivahan ऐप पर लॉगिन करके डिजिटल रसीद देखें।

3. गलत टैक्स राशि दिखाई देना

  • कारण: वाहन के प्रकार या CC में गड़बड़ी।
  • समाधान:
    • RTO कार्यालय में संपर्क करके डिटेल्स सही करवाएं।
    • टोल-फ्री नंबर 1800-123-3020 पर शिकायत दर्ज कराएं।

BH सीरीज़ टैक्स से जुड़े जरूरी नियम

  • लेट पेमेंट जुर्माना: टैक्स की एक्सपायरी के बाद ₹50 प्रतिदिन का जुर्माना।
  • टैक्स छूट: सरकारी कर्मचारियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को 25% छूट।
  • दोबारा भुगतान: टैक्स एक्सपायर होने के 30 दिन पहले से नया भुगतान कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQs

क्या BH टैक्स ऑफलाइन भर सकते हैं ?

हां RTO कार्यालय में फॉर्म 25 भरकर और चालान जमा करके ऑफलाइन भुगतान कर सकते हैं।

BH टैक्स की रसीद खो जाए तो क्या करें ?

पारिवाहन पोर्टल या mParivahan ऐप से डुप्लीकेट रसीद डाउनलोड करें।

क्या BH टैक्स किश्तों में भर सकते हैं ?

नहीं पूरी रकम एक साथ भरनी होगी।

टैक्स न भरने पर क्या होगा ?

वाहन का RC निलंबित हो सकता है और ₹10,000 तक का जुर्माना लग सकता है।

क्या BH टैक्स रिफंडेबल है ?

नहीं एक बार भरने के बाद टैक्स राशि वापस नहीं मिलती।

निष्कर्ष: ऑनलाइन भुगतान है सुविधाजनक विकल्प

BH सीरीज़ टैक्स ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया न सिर्फ तेज है, बल्कि पेपरलेस भी है। बस कुछ क्लिक्स में आप अपने वाहन का टैक्स भर सकते हैं और रसीद डाउनलाइन कर सकते हैं। ध्यान रखें कि टैक्स समय पर भरने से जुर्माने और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।

अगर आपको प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो पारिवाहन हेल्पलाइन 1800-123-3020 या ईमेल (helpdesk-parivahan@nic.in) पर संपर्क करें।

लेखक के बारे में:- यह लेख एक वित्तीय सलाहकार द्वारा लिखा गया है, जो भारतीय कर नियमों और ऑनलाइन भुगतान प्रक्रियाओं पर 8+ वर्षों से गाइडेंस प्रदान कर रहे हैं। सभी जानकारी पारिवाहन पोर्टल और सरकारी अधिसूचनाओं पर आधारित है।

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