RTO Penalty For Late Registration Of New Vehicle 2025:- भारत में नया वाहन खरीदने के बाद उसका समय पर पंजीकरण (RTO Registration) कराना कानूनी जरूरत है। अगर आप इस प्रक्रिया में देरी करते हैं। तो भारी जुर्माने से लेकर वाहन जब्ती तक की नौबत आ सकती है। इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि नए वाहन के लेट रजिस्ट्रेशन पर कितना पेनल्टी लगता है। कानूनी प्रावधान क्या हैं, और कैसे इनसे बचा जाए।
RTO Penalty For Late Registration Of New Vehicle 2025
नए वाहन का पंजीकरण क्यों जरूरी है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1989 की धारा 39 के मुताबिक, बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाना गैरकानूनी है। पंजीकरण के मुख्य उद्देश्य:
- कानूनी पहचान: RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) वाहन के स्वामित्व का प्रमाण है।
- सुरक्षा सुनिश्चित करना: पंजीकरण के दौरान वाहन की तकनीकी जांच होती है।
- राजस्व संग्रह: रोड टैक्स और अन्य शुल्क सरकारी कोष में जमा होते हैं।
उदाहरण: मुंबई के रोहन ने नई कार खरीदी, लेकिन 45 दिन बाद पंजीकरण कराया। उन पर ₹10,000 जुर्माना + ₹150 प्रतिदिन का लेट फीस लगा।
लेट रजिस्ट्रेशन पर जुर्माने का कानूनी प्रावधान
1. अस्थायी पंजीकरण की अवधि (7 दिन)
डीलर द्वारा दिए गए टेम्पररी रजिस्ट्रेशन (TR) की वैधता 7 दिन होती है। इस अवधि में:
- कोई जुर्माना नहीं।
- वाहन सिर्फ उसी राज्य में चलाया जा सकता है जहां TR जारी हुआ है।
2. 8वें से 30वें दिन तक की देरी
- जुर्माना: ₹100 प्रतिदिन (अधिकतम ₹2,300)।
- अतिरिक्त शुल्क: रजिस्ट्रेशन फीस का 1% प्रति माह।
3. 30 दिन से अधिक देरी
- जुर्माना: ₹5,000 तक (वाहन के प्रकार के आधार पर)।
- वाहन जब्ती: ट्रैफिक पुलिस को वाहन को कब्जे में लेने का अधिकार है।
नोट: ये दंड राज्य सरकारों के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
राज्यवार लेट रजिस्ट्रेशन पेनल्टी (2024)
राज्य | प्रतिदिन जुर्माना (₹) | अधिकतम जुर्माना (₹) |
---|---|---|
दिल्ली | 100 | 5,000 |
उत्तर प्रदेश | 75 | 3,500 |
महाराष्ट्र | 150 | 10,000 |
कर्नाटक | 100 | 5,000 |
तमिलनाडु | 200 | 8,000 |
स्रोत: संबंधित राज्यों के परिवहन विभाग की अधिसूचनाएं।
लेट रजिस्ट्रेशन के अन्य नुकसान
- बीमा अमान्य: बिना वैध RC के इंश्योरेंस कंपनी क्लेम अस्वीकार कर सकती है।
- PUC अपडेट नहीं होगा: प्रदूषण प्रमाणपत्र नवीनीकरण के लिए RC अनिवार्य है।
- वाहन री-सेल वैल्यू घटती है: बिना समय पर पंजीकरण वाले वाहनों की कीमत कम लगती है।
केस स्टडी: बैंगलोर की मीरा ने 2 महीने बाद बाइक रजिस्टर कराई। उन्हें ₹5,000 जुर्माना + ₹3,000 लेट फीस देना पड़ा। साथ ही, इंश्योरेंस कंपनी ने दुर्घटना का क्लेम रिजेक्ट कर दिया।
जुर्माना कैसे चुकाएं?
चरण 1: RTO से पेनल्टी स्लिप प्राप्त करें
- ऑनलाइन: पारिवाहन पोर्टल पर ‘E-Challan’ सेक्शन में वाहन नंबर डालें।
- ऑफलाइन: नजदीकी RTO कार्यालय में संपर्क करें।
चरण 2: भुगतान करें
- ऑनलाइन तरीके: UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, या Net Banking।
- ऑफलाइन तरीके: RTO कार्यालय में चालान जमा करें।
ध्यान रखें: जुर्माना चुकाए बिना पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
लेट रजिस्ट्रेशन से बचने के 5 आसान टिप्स
- दस्तावेज समय पर लें: डीलर से चालान, फॉर्म 20/22 तुरंत प्राप्त करें।
- ऑनलाइन आवेदन करें: पारिवाहन पोर्टल पर प्रक्रिया सिर्फ 1-2 घंटे में पूरी होती है।
- रिमाइंडर सेट करें: TR की एक्सपायरी डेट से 3 दिन पहले अलर्ट लगाएं।
- RTO स्टेटस ट्रैक करें: एसएमएस या ऐप से अपने आवेदन की प्रगति जांचें।
- एजेंट की मदद लें: अगर कागजी कार्रवाई में दिक्कत हो, तो अधिकृत एजेंट से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQs
क्या टेम्पररी रजिस्ट्रेशन बढ़ाया जा सकता है ?
हां सिर्फ एक बार 7 और दिनों के लिए बढ़ा सकते हैं। RTO को ₹500 अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाने पर क्या होगा ?
₹5,000 तक का जुर्माना + वाहन को कब्जे में लिया जा सकता है। धारा 192, MV एक्ट के तहत केस दर्ज हो सकता है।
क्या पुराने जुर्माने का भुगतान किश्तों में कर सकते हैं ?
नहीं पेनल्टी की पूरी रकम एक साथ चुकानी होगी।
लेट रजिस्ट्रेशन पर बीमा पॉलिसी मिलेगी ?
हां लेकिन क्लेम मिलने में दिक्कत आएगी। पहले RC बनवाएं, फिर बीमा अपडेट कराएं।
जुर्माना न चुकाने पर क्या होगा ?
वाहन का RC रद्द हो सकता है और चालान राशि पर ब्याज लगेगा।
निष्कर्ष: समय पर पंजीकरण है सबसे बढ़िया उपाय
नए वाहन का पंजीकरण कराने में देरी महंगी पड़ सकती है। डीलर से मिले दस्तावेजों को तुरंत चेक करें और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करें। अगर आप पर जुर्माना लग भी जाए, तो इसे जल्द से जल्द चुकाएं। याद रखें, वाहन का वैध RC होना न सिर्फ कानूनी जरूरत है, बल्कि आपकी सुरक्षा की गारंटी भी है।
सतर्क रहें सुरक्षित ड्राइव करें !